इन्‍टरनेट एडिक्‍शन क्‍या है ? इन्‍टरनेट की लत से कैसे बचे

आज के दौर में इन्‍टरनेट इन्‍सान की जिन्‍दगी का बहुत अहम हिस्‍सा बन गया है। इन्‍टरनेट के बिना जिन्‍दगी अधूरी सी लगती है। अगर युवा पीढ़ी की बात की जाये तो आज का युवा तो पूरी तरह से इन्‍टरनेट पर निर्भर हो गया है। दोस्‍तो से बात करनी हो, किसी विषय पर जानकारी हासिल करनी हो या वक्‍त बिताने के लिए गेम खेलना  हो। माजूदा दौर में जिन्‍दगी का कोई रंग इन्‍टरनेट के बिना फीका लगता है।

इन्‍टरनेट के ऊपर युवा पीढ़ी की इसी निर्भरता की वजह से आजकल युवा पीढ़ी का बहुत बड़ा हिस्‍सा इन्‍टरनेट का अडिक्‍ट हो गया है। एक रिसर्च के मुताबिक इन्‍टरनेट की लत शराब और सिगरेट की लत से लत से भी कही ज्‍यादा खतरनाक है। इसी लत की वजह से युवा पीढ़ी कई खतरनाक बीमारियों के चपेट में है।

 इन्‍टरनेट की लत से कैसे बचा जा सकता है। आज हम आपको इन्‍टरनेट की लत को लेकर कुछ अहम जानकारी देगे

अगर आप दिन में 8 से 10 घन्‍टे इन्‍टरनेट पर बिता रहे है तो आपको सचेत हो जाना चाहिए। क्‍यो जाने अनजाने आप इन्‍टरनेट की लत के शिकार हो गये है। अगर किसी को इन्‍टरनेट का एडिक्‍शन हो जाये तो 8 से 10 घन्‍टे  इन्‍टरनेट पर बिताना उसकी मजबूरी बन जाता है। इन्‍टरनेट के एडिक्‍ट ऐसे इन्‍सान को अगर इन्‍टरनेट का एक्‍सेस ना मिले तो उसे घबराहत और बेचैनी होने लगती है। ऐसा इन्‍सान धीरे धीरे इन्‍टरनेट की नकली दुनिया में ऐसा फंस जाता है कि वहा से बाहर आना उसने लिए लगभग नामुमकिन सा हो जाता है। वर्चुअल दुनिया में खोये हुए ऐसे ऐसे इन्‍सान के लिए असली दुनिया एक झूठ लगने लगती है। क्‍या हकीकत है और क्‍या भ्रम, इसमे फर्क करना इन्‍टरनेट के एडिक्‍ट इन्‍सान के लिए काफी मुश्किल हो जाता है।

इन्‍टरनेट की लत से कैसे बचे

इन्‍टरनेट की लत से बचने के लिए सबसे पहले आपको ये प्रयास करना पड़ेगा कि आपका इन्‍टरनेट पर एक्सिस करने का समय 5 घन्‍टे से ज्‍यादा ना हो।

जितना और जहां तक हो सको अपने आपको मोबाइल दूर रखना चाहिए।

अपने परिवार और दोस्‍तो के साथ बैठकर बात करे। जब परिवार के साथ बैठे हो, ध्‍यान रखे कि जब परिवार और दोस्‍तों के साथ बैठे हो तो हाथ में मोबाइल फोन ना हो।

आपने एक दिन में इन्‍टरनेट का कितना यूज किया। ये पता करने के लिए अपने मोबाइल में कोई एप्‍स रखे। इन्‍टरनेट पर आपको कई ऐसी एप्‍स मिल जायेगी।

जहां तक हो सके आउटडोर गेम खेले। इन्‍टरनेट पर गेम खेलने से ना केवल मानसिक तनाव होता है बल्कि सेहत पर भी इसका काफी बुरा असर पड़ता है।